देवरिया का माहौल 05 दिसंबर की दोपहर कुछ अलग ही था। राजकीय आईटीआई परिसर में पहुँचे सैकड़ों परिवारों के चेहरों पर उत्साह, खुशी और उम्मीद साफ झलक रही थी। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे नवविवाहित जोड़े जब मंडप की ओर बढ़ रहे थे, तो हर कोई मानो उनकी खुशियों का हिस्सा बन गया था। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत आज 415 जोड़ों का विवाह सम्पन्न हुआ और पूरे परिसर में मंगलगीत, शुभकामनाएँ और खुशियों की गूंज सुनाई देती रही।

इस सामूहिक विवाह में 387 हिन्दू और 28 मुस्लिम जोड़ों ने परम्परागत रीति-रिवाजों के साथ विवाह बंधन में बंधकर अपने नए जीवन की शुरुआत की। यह सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उन परिवारों के लिए एक बड़ी राहत और आशा का पल था, जिनके सामने आर्थिक कठिनाइयाँ अक्सर बेटी की शादी को भारी बना देती हैं।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे पंडित गिरीश चन्द्र तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों के रूप में श्री रामप्रकाश यादव, श्री राजू मणि, जिलाधिकारी श्रीमती दिव्या मित्तल, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके खुशहाल भविष्य की कामना की। शहर के कई सम्मानित नागरिक भी इस खुशियों भरे आयोजन के साक्षी बने।
यह योजना समाज के उन वर्गों के लिए आशा का दीपक है, जिनके पास संसाधन सीमित हैं, लेकिन सपने उतने ही बड़े। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता कई परिवारों के लिए संबल बन गई है। इस योजना के तहत प्रति जोड़ा एक लाख रुपये खर्च किए गए, जिसमें 60 हजार रुपये सीधे कन्या के खाते में भेजे जा रहे हैं। गृहस्थी की सामग्री और वस्त्र-आभूषण के रूप में 25 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई, जबकि भोजन और टेंट जैसी व्यवस्थाओं पर 15 हजार रुपये व्यय हुए।

आज का दिन न केवल इन 415 जोड़ों के लिए यादगार रहा, बल्कि उन सभी के लिए भी, जिन्होंने उनकी नई शुरुआत को अपने आशीर्वाद से और भी खास बना दिया। इस सामूहिक विवाह ने साबित किया कि जब सरकार और समाज साथ खड़े हों, तो खुशियाँ किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे जिले की बन जाती हैं।




