जीवन कभी-कभी इतनी अचानक करवट लेता है कि परिवार तो क्या, पूरा गांव गहरे सदमे में डूब जाता है। देवरिया के सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले 55 वर्षीय किसान राजेंद्र यादव के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। रोज की तरह शाम को सड़क किनारे टहलने निकले राजेंद्र यादव को शायद अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही पलों में उनकी दुनिया बदलने वाली है।
तेज रफ्तार टेंपो ने छीनी किसान की जिंदगी
3 दिसंबर की शाम राजेंद्र यादव जब मझौलीराज गांव के पास सड़क के किनारे टहल रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार टेंपो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी गंभीर थी कि वे सड़क पर गिर पड़े और बुरी तरह घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें सलेमपुर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन उनकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने देवरिया मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
लगातार अस्पतालों का सफर, लेकिन नहीं बच सकी जान
देवरिया में प्राथमिक इलाज के बाद भी उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों ने तुरंत उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। लेकिन यहां भी स्थिरता न आने पर सोमवार को उन्हें लखनऊ ले जाने की तैयारी की गई। परिजनों के मन में उम्मीद थी कि शायद बड़े अस्पताल में इलाज से स्थिति सुधर जाएगी, मगर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। लखनऊ ले जाने से पहले ही राजेंद्र यादव ने दम तोड़ दिया।
गांव में गहरा शोक, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
राजेंद्र यादव की मौत की खबर गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। उनके परिवार की स्थिति बेहद दयनीय है—पत्नी और बच्चे सदमे में हैं और लगातार रो रहे हैं। गांव के लोग भी इस दुखद त्रासदी से व्यथित हैं, क्योंकि राजेंद्र यादव एक सरल और मेहनती किसान के रूप में सभी में प्रिय थे।
पुलिस जांच में जुटी, टेंपो चालक फरार
परिजन शव लेकर गांव लौट आए और पुलिस को घटना की जानकारी दी। सलेमपुर कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अब टेंपो चालक की तलाश कर रही है और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।




