भटनी क्षेत्र के धरमखोर गांव में हुए विवाद के मामले में न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद स्थानीय पुलिस ने ग्राम प्रधान सहित एक दर्जन नामजद और 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब पीड़ित महिला की शिकायत पर पहले पुलिस स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई और मामला न्यायालय तक पहुंचा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थिनी मंजू देवी पत्नी सूर्यनारायण ने न्यायालय में अपील कर आरोप लगाया था कि 22 जनवरी को उनके परिवार और राजा ठाकुर के परिवार के बीच खोप को लेकर विवाद हो गया था। इस दौरान पुलिस ने एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए केवल एक पक्ष के लोगों के खिलाफ ही मामला दर्ज किया, जबकि दूसरे पक्ष के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मंजू देवी का आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने ग्राम प्रधान आशुतोष यादव के साथ मिलकर उनके साथ और उनकी जेठानी तारा देवी के साथ अश्लील हरकत की तथा जान से मारने की नीयत से मारपीट की। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने कुदाल, डंडों और अन्य हथियारों से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायल अवस्था में उनका इलाज मेडिकल कॉलेज में कराया गया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक तक शिकायत की, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। अंततः न्यायालय का दरवाजा खटखटाने पर कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में पुलिस ने राजेश ठाकुर, हरिकेश ठाकुर, डुग्गुर ठाकुर, धर्मेश, आशुतोष यादव (ग्राम प्रधान), योगेंद्र उर्फ जोगेंद्र, श्री किशुन, वरन ठाकुर, राजा ठाकुर, निखिल, रामू समेत 12 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 192(2), 191(3), 190, 109, 115(2), 333, 324(4) 352 तथा 74 के तहत मामला दर्ज किया है।
इस संबंध में भटनी के निरीक्षक मृत्युंजय राय ने बताया कि “न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच घांटी चौकी प्रभारी बांके यादव को सौंपी गई है। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।”



