कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर बड़ा हमला बोला है। दिल्ली में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि देशभर में कांग्रेस समर्थकों के वोट सुनियोजित तरीके से डिलीट किए जा रहे हैं।
राहुल गांधी इस बार अपने साथ उन असली वोटर्स को भी लाए जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य गलती नहीं, बल्कि भाजपा की साज़िश है जो लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
कांग्रेस का सोशल मीडिया वार: “कुर्सी की पेटी बांध लीजिए…”
प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से पहले कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राहुल गांधी का वीडियो शेयर किया। इसमें कैप्शन दिया गया— “कुर्सी की पेटी बांध लीजिए…”। इस पोस्ट ने ही कांग्रेस के बड़े खुलासे की ओर इशारा कर दिया था।
भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत का आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा की मिलीभगत से बिहार, हरियाणा, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट से नाम हटाए गए हैं। उनका कहना है कि यह जनता की आवाज दबाने और लोकतंत्र को कमजोर करने की सोची-समझी रणनीति है।
राहुल गांधी का हाइड्रोजन बम बयान
इससे पहले राहुल गांधी ने 1 सितंबर को बिहार में अपनी वोटर अधिकार यात्रा के समापन पर कहा था—
“एटम बम से बड़ा हाइड्रोजन बम होता है, वो आ रहा है।”
इसके बाद 11 सितंबर को उन्होंने फिर दावा किया था कि कांग्रेस के पास “डायनामिक एक्सप्लोसिव (धमाकेदार) सबूत” हैं। आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनका यह बयान—
“हाइड्रोजन बम के बाद मोदी चेहरा नहीं दिखा पाएंगे”
भारतीय राजनीति में हलचल मचा गया है।
क्यों अहम है राहुल गांधी का आरोप?
राहुल गांधी का यह हमला केवल भाजपा पर नहीं बल्कि सीधे चुनाव आयोग पर है, जो चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता की जिम्मेदारी निभाता है। यदि उनके आरोप सही साबित होते हैं तो यह भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होगी।




