देवरिया।
देवरिया जिले में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अंतर्गत सड़क निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितताएं और गंभीर गड़बड़ियों के मामले सामने आए हैं। शासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, वहीं कई अन्य अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
एडीबी परियोजना में अनियमितता
पीडब्ल्यूडी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से वित्तपोषित एक सड़क परियोजना में गलत तरीके से मांग प्रस्ताव प्रस्तुत कर आवंटन प्राप्त किया गया। इस मामले में
- सहायक अभियंता सुधीर कुमार
- अवर अभियंता राम गणेश पासवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
- वहीं, इस परियोजना के अधिशासी अभियंता अनिल जाटव के निलंबन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
इन सभी अधिकारियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश कर्मचारी आचरण नियमावली के नियम-7 के तहत जांच शुरू कर दी गई है।
करुअना-परसिया मार्ग पर बजट डायवर्जन
देवरिया निर्माण खंड के अंतर्गत करुअना-परसिया मार्ग पर बजट का गलत तरीके से डायवर्जन किए जाने का मामला भी सामने आया है।
- इसमें अधिशासी अभियंता कमल किशोर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
- साथ ही इस प्रकरण में अधिशासी अभियंता मनोज कुमार पांडे और संजीव कुमार सिंह के खिलाफ नियम-7 के तहत जांच के आदेश दिए गए हैं।
उपमुख्यमंत्री के कार्यक्रम का गलत आकलन
वर्ष 2021 में देवरिया में आयोजित उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के एक कार्यक्रम में गलत आकलन रिपोर्ट भेजने का मामला भी जांच के दायरे में है।
- इस संबंध में अधिशासी अभियंता कमल किशोर और अनिल जाटव के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
- हालांकि, इस मामले में दोषी पाए गए तत्कालीन सहायक अभियंता संजय कुमार राय पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं, अतः उन पर कार्रवाई नहीं की जा सकी।
अन्य अभियंताओं पर भी शिकंजा
इसके अतिरिक्त, पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता साहब हुसैन और अनूप सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए विभागाध्यक्ष को शासन ने पत्र लिखा है।
शासन की सख्ती
इन तमाम मामलों को देखते हुए शासन ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों और अभियंताओं पर सख्त निगरानी रखने और किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त न करने का स्पष्ट संदेश दिया है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।




