देवरिया के लोगों के लिए 5 दिसंबर का दिन उम्मीद और राहत लेकर आया। सरकार द्वारा आपकी भूली-बिसरी धनराशि को वापस दिलाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष जागरूकता अभियान के तहत जनपद के सेण्ट ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान परिसर में “आपकी पूँजी, आपका अधिकार” शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर न सिर्फ लोगों में आर्थिक जागरूकता का स्रोत बना, बल्कि वर्षों से बैंकों में अनक्लेम्ड पड़ी राशि को वापस दिलाकर अनेक परिवारों के चेहरों पर मुस्कान भी ले आया।
बेहतर समन्वय और जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के निर्देशानुसार अक्टूबर से दिसम्बर 2025 तक चल रहे इस अभियान में विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
शिविर में भारतीय रिज़र्व बैंक से अंकुश श्रीवास्तव, अग्रणी बैंक कार्यालय देवरिया से आशीष मीणा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से वरिष्ठ प्रबंधक राकेश कुमार, पंजाब नेशनल बैंक के कुलदीप कुमार शाह तथा भारतीय स्टेट बैंक शाखा राघवनगर के मनीष कुमार सहित कई संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
सभी अधिकारियों ने मिलकर लोगों को अनक्लेम्ड धनराशि खोजने और उसका दावा करने की पूरी प्रक्रिया समझाई, जिससे आम नागरिकों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ।
40 लाख रुपये की अनक्लेम्ड धनराशि का निस्तारण
शिविर में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और उन्होंने अपने तथा अपने परिजनों के पुराने, निष्क्रिय या भूले हुए खातों की जानकारी प्राप्त की।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, एसबीआई, पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक आदि संस्थाओं ने पात्र लाभार्थियों को उनकी अनक्लेम्ड धनराशि के प्रमाण-पत्र सौंपे।
सभी बैंकों द्वारा संयुक्त प्रयासों से कुल लगभग 40 लाख रुपये की अनक्लेम्ड राशि का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया, जो इस अभियान की बड़ी उपलब्धि है।
लोगों को जागरूक करने की अपील
शिविर में आए लोगों को बताया गया कि यह अभियान सिर्फ धनराशि प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर व्यक्ति को अपनी वित्तीय जानकारी और अधिकारों के प्रति जागरूक करने का प्रयास है।
अधिकारियों ने सभी से आग्रह किया कि वे इस अभियान की जानकारी अपने आसपास तक पहुँचाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभ उठा सकें और किसी की भी मेहनत की कमाई यूं ही बैंकों में अनक्लेम्ड न पड़ी रहे।




