Rail News:हथुआ–भटनी रेललाइन परियोजना को शुरू करने की उम्मीद बढ़ी, सांसद डॉ. आलोक कुमार ने संसद में उठाया मुद्दा

देवरिया/गोपालगंज। लंबे समय से अटकी हथुआ–भटनी नई रेललाइन परियोजना को शुरू कराने की उम्मीद एक बार फिर जागी है। गोपालगंज के सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन ने लोकसभा में इस महत्वपूर्ण मुद्दे को दोबारा उठाया है, जिसके बाद देवरिया और गोपालगंज दोनों जिलों में परियोजना को लेकर नई सक्रियता देखी जा रही है।

लगभग 80 किलोमीटर लंबी इस प्रस्तावित रेललाइन में बिहार के हिस्से में 50 किलोमीटर और देवरिया जिले में 13 किलोमीटर भूमि अधिग्रहण होना है। परियोजना को वर्ष 2005-06 में स्वीकृति मिली थी और रेलवे ने वर्ष 2020 में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू भी कर दी थी। हथुआ से पचरौना तक रेलवे लाइन का डिज़ाइन तैयार हो चुका है, लेकिन किसानों के विरोध और कोविड-19 लॉकडाउन के कारण आगे की प्रक्रिया रुक गई थी।

किसानों के विरोध के कारण अटका प्रोजेक्ट

गांवों को जोड़ने वाली सड़कों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका से किसान नाराज़ थे। उनका कहना था कि रेललाइन की दूरी और मार्ग बदलने से स्थानीय आवागमन प्रभावित होगा। इसी विरोध के चलते वर्ष 2020 में चल रही अधिग्रहण प्रक्रिया ठप हो गई। संघर्ष समिति के अध्यक्ष स्व. त्रिभुवनजी के नेतृत्व में आंदोलन भी चलाया गया था।

2020 में पूरा हो चुका था सर्वेक्षण

पूर्व में तसल्लीम ऑफिस के अमीन द्वारा रेललाइन का पूरा सर्वे किया गया था।
परियोजना के लिए 230.03 हेक्टेयर भूमि की जरूरत बताई गई थी और 770 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया था। लेकिन किसान–प्रशासन वार्ता सफल न होने से पूरी प्रक्रिया अधर में लटक गई।

संसद में उठे मुद्दे से बढ़ी उम्मीद

सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन ने इस मामले को वर्ष 2021 के बाद अब एक बार फिर संसद में उठाया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि केंद्र सरकार और रेलवे विभाग समीक्षा कर परियोजना को फिर से गति देगा। सांसद का कहना है कि रेललाइन बनने से क्षेत्र के विकास में बड़ी छलांग लगेगी और परिवहन सुविधाएं बेहतर होंगी।

स्थानीय लोगों और किसानों का कहना है कि यदि समस्या का समाधान निकाल कर परियोजना शुरू कराई जाती है तो गोपालगंज–देवरिया क्षेत्र को नई रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे रोजगार, व्यापार और आवागमन में तेजी आएगी।

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